प्रशांत किशोर का भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पर बड़ा आरोप, JDU-RJD को लेकर क्या बोले?

BJP प्रदेश अध्यक्ष डॉ. दिलीप जायसवाल पर गंभीर खुलासे

मेडिकल कॉलेज पर अवैध कब्जा
किशोर ने दावा किया कि जायसवाल ने पिछले 25 सालों में किशनगंज के माता गुजरी मेडिकल कॉलेज (MGM) के ट्रस्ट को हथियाकर कब्जा कर लिया है, और ट्रस्ट एक्ट व रजिस्ट्रेशन नियमों की अवहेलना की है

हत्या की साज़िश और रिश्वत आरोप
उन्होंने कहा कि कॉलेज से जुड़े राजेश शाह की हत्या की साज़िश जायसवाल ने रची थी। साथ ही आरोप लगाया कि पुलिस की क्लीनचिट देने वाली अधिकारी की पत्नी उसी कॉलेज से MBBS कर रही थीं

धन से MBBS बेचे
किशोर ने आरोप लगाया कि जायसवाल ने 50 से ज़्यादा नेताओं और अफसरों के बच्चों को बिना परीक्षा, मैनेजमेंट कोटे में MBBS दिलवाई—रिश्वत लेकर

फर्जी सोशल मीडिया पेज चलाने का आरोप
उन्होंने यह भी कहा कि जायसवाल BJP के नाम से एक Facebook ग्रुप चला रहे थे, जिसमें BJP, RJD और Jan Suraaj के लोग पोस्ट कर रहे थे—जिससे भ्रम फैलाया जा रहा था (desitalkchicago.com)। किशोर ने कहा कि जायसवाल “A–B–C” का ज्ञान नहीं रखते और उन्हें DGP की मदद से इस पर सफाई देनी चाहिए ।

BJP, RJD और JDU में गहरी साज़िश?
किशोर ने जो बड़ा कथन दिया वो यह था कि “BJP, RJD और JDU जब व्यक्तिगत लाभ की बात आती है, तो एकजुट हो जाते हैं”—यानी ये सभी राजनीतिज्ञ मिलकर निजी फायदे के लिए गठबंधन बना लेते हैं

JDU‑RJD के बारे में क्या कहा?

  • किशोर ने आरोप लगाया कि आरजेडी (जैसे राबड़ी देवी और लालू परिवार) भी इन ग़लतियों में शामिल हैं—उनके कथन अनुसार, अरविंद जायसवाल के बचे MBBS में इसी व्यवस्था का हिस्सा थे
  • “जब निजी फ़ायदे की बात आती है, BJP–RJD–JDU एक हो जाते हैं” — इस बात से संकेत मिलता है कि तीनों पार्टियां लोकहित से ज़्यादा व्यक्तिगत गठबंधनों में उलझी हुई हैं ।
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इस खबर का राजनीतिक असर

  • जनता में हलचल: यह प्रेस कॉन्फ्रेंस बिहार की राजनीति में कानून व्यवस्था, भ्रष्टाचार और सत्ता दुरुपयोग को लेकर बहस फिर से शुरू कर सकती है।
  • कानूनी मोर्चा: किशोर ने सड़क से लेकर कोर्ट तक लड़ने की बात कही—जिससे जांच CBI-ED तक जा सकती है
  • BJP का पलटवार: अभी तक BJP ने इन आरोपों को “बेबुनियाद” बताया है; लेकिन अब जिलेवार जांच तेज़ हो सकती है।

इस पूरे खुलासे ने बिहार की बदलती राजनीतिक तस्वीर में नया मोड़ लाने की चाशनी दी है — खासकर निवर्तमान सत्ता, गठबंधन, और जन सुराज की योजनाओं को ध्यान में रखकर।

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