समस्तीपुर: रेलवे ने समस्तीपुर रेल मंडल के अंतर्गत आने वाले बिहार के 10 जिलों में 37 महत्वपूर्ण स्थानों पर रोड ओवरब्रिज (ROB) और संबंधित निर्माण कार्य कराने की योजना को विशेष रेल परियोजना का दर्जा दिया है। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद कई व्यस्त समपार फाटकों को खत्म किया जा सकेगा। इससे वाहन चालकों और आम लोगों को रेलवे क्रॉसिंग पर लगने वाले जाम से राहत मिलने की उम्मीद है।

बिहार के 10 जिलों में होगा निर्माण

रेलवे की इस विशेष परियोजना का लाभ बेगूसराय, पश्चिम चंपारण, दरभंगा, खगड़िया, मधुबनी, पूर्णिया, सहरसा, समस्तीपुर, सीतामढ़ी और सुपौल जिलों को मिलेगा। कुल 37 परियोजनाओं में 36 स्थानों पर दो या चार लेन के रोड ओवरब्रिज बनाए जाने हैं, जबकि एक स्थान पर सीमित ऊंचाई वाले भूमिगत मार्ग का निर्माण प्रस्तावित है।

इस परियोजना को लेकर रेलवे की ओर से अगस्त 2026 में विशेष रेल परियोजना के रूप में अधिसूचना जारी की गई थी। इसके बाद सितंबर में भूमि अधिग्रहण के लिए सक्षम प्राधिकारियों से संबंधित अधिसूचना भी जारी की गई, जिससे परियोजना को जमीन पर उतारने की प्रक्रिया आगे बढ़ी है।

समस्तीपुर जिले में तीन जगह बनेंगे ROB

समस्तीपुर जिले के लिए भी इस योजना में तीन महत्वपूर्ण स्थान शामिल किए गए हैं। यहां हसनपुर रोड रेलवे यार्ड के समपार फाटक संख्या 11बी, रुसेरा घाट रेलवे यार्ड के समपार फाटक संख्या 17 और किशनपुर रेलवे यार्ड के समपार फाटक संख्या 5 पर आरओबी का निर्माण प्रस्तावित है।

इन स्थानों पर आरओबी बनने के बाद रेलवे फाटक पर ट्रेनों के गुजरने के दौरान सड़क यातायात को बार-बार रोकने की जरूरत कम होगी। इससे स्थानीय लोगों के आवागमन को भी सुगम बनाने में मदद मिलेगी।

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दरभंगा में सबसे अधिक 9 आरओबी

पूरी परियोजना में दरभंगा जिले को सबसे अधिक आरओबी मिलने वाले हैं। यहां कुल नौ स्थानों पर निर्माण प्रस्तावित है। इसके अलावा सहरसा में छह, सीतामढ़ी में पांच और सुपौल में चार आरओबी बनाए जाने की योजना है।

वहीं मधुबनी और पूर्णिया में तीन-तीन, खगड़िया में दो तथा बेगूसराय और पश्चिम चंपारण में एक-एक परियोजना शामिल है। इस तरह सभी 10 जिलों में कुल 37 परियोजनाएं पूरी की जाएंगी।

समपार फाटकों पर जाम और सुरक्षा की समस्या होगी कम

रेलवे फाटकों पर ट्रेन आने के समय वाहनों की लंबी कतार लग जाती है। व्यस्त मार्गों पर इससे यातायात प्रभावित होने के साथ लोगों को काफी समय तक इंतजार करना पड़ता है। आरओबी बनने के बाद सड़क यातायात को रेलवे लाइन के ऊपर से अलग रास्ते से गुजारा जा सकेगा।

रेलवे के अनुसार, लेवल क्रॉसिंग के स्थान पर ROB/RUB परियोजनाओं को यातायात, रेल परिचालन की सुरक्षा, सड़क उपयोगकर्ताओं पर प्रभाव और परियोजना की व्यवहार्यता जैसे पहलुओं को ध्यान में रखकर प्राथमिकता दी जाती है।

भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में तेजी

37 आरओबी परियोजनाओं को विशेष रेल परियोजना घोषित किए जाने के बाद भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को भी आगे बढ़ाया गया है। सितंबर में जारी अधिसूचना के तहत संबंधित जिलों में भूमि अधिग्रहण के लिए सक्षम प्राधिकारियों को अधिकृत किया गया है। इससे परियोजनाओं के लिए जरूरी जमीन जुटाने की प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है।

समस्तीपुर रेल मंडल में बढ़ेगी कनेक्टिविटी

समस्तीपुर रेल मंडल उत्तर बिहार के कई महत्वपूर्ण जिलों को रेल नेटवर्क से जोड़ता है। ऐसे में समपार फाटकों को हटाकर आरओबी का निर्माण होने से सड़क और रेल यातायात दोनों को फायदा मिलने की उम्मीद है। खासकर उन स्थानों पर जहां रेलवे फाटक के कारण नियमित रूप से जाम की स्थिति बनती है, वहां लोगों को बड़ी राहत मिल सकती है।

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रेलवे की यह परियोजना पूरी होने के बाद सुरक्षित और निर्बाध सड़क आवागमन के साथ ट्रेनों के परिचालन में भी सुविधा बढ़ने की उम्मीद है।

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