Vaishali News: वैशाली जिले के लालगंज से स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े करने वाली एक घटना सामने आई है। लालगंज रेफरल अस्पताल में एक युवक की मौत के बाद परिजनों को शव घर ले जाने के लिए एंबुलेंस या शव वाहन उपलब्ध नहीं हो सका। इसके बाद परिजन उसी ठेले पर शव रखकर घर ले जाने को मजबूर हुए, जिससे युवक को अस्पताल लाया गया था। घटना का वीडियो सामने आने के बाद यह मामला चर्चा में है। पानी भरे गड्ढे में गिरने से बिगड़ी थी युवक की हालत मामला लालगंज थाना क्षेत्र के कसेरा टोला वार्ड संख्या-6 का बताया जा रहा है। मृतक की पहचान 31 वर्षीय मोनू कुमार के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, मोनू घर के पास ही पानी से भरे एक गड्ढे में गिर गया था। हादसे के बाद उसकी हालत गंभीर हो गई, जिसके बाद परिजन उसे ठेले के माध्यम से लालगंज रेफरल अस्पताल लेकर पहुंचे। अस्पताल में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. जया अमवस्ता ने जांच के बाद युवक को मृत घोषित कर दिया। शव ले जाने के लिए नहीं मिली एंबुलेंस परिजनों का आरोप है कि युवक की मौत की पुष्टि होने के बाद उन्होंने शव को घर ले जाने के लिए अस्पताल प्रबंधन से एंबुलेंस या शव वाहन उपलब्ध कराने की मांग की। हालांकि, उन्हें वाहन उपलब्ध नहीं कराया गया। इसके बाद परिजनों के सामने शव को घर ले जाने की समस्या खड़ी हो गई। आखिरकार जिस ठेले पर मोनू को अस्पताल लाया गया था, उसी ठेले पर उसका शव रखकर परिजन घर की ओर रवाना हुए। यह भी पढ़ें बिहार की 8 विधान परिषद सीटों का चुनाव कार्यक्रम जारी, 23 अक्टूबर को वोटिंग घटना का वीडियो सामने आने के बाद उठे सवाल इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद लालगंज के स्वास्थ्य इंतजामों को लेकर सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि गंभीर स्थिति में मरीज को अस्पताल पहुंचाने के साथ-साथ मौत के बाद शव को सम्मानजनक तरीके से घर तक पहुंचाने की व्यवस्था भी जरूरी है। हालांकि, इस मामले में अस्पताल प्रबंधन की ओर से एंबुलेंस उपलब्ध नहीं होने के आरोप पर विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। इसलिए वाहन उपलब्धता और परिजनों के आरोपों से जुड़े तथ्यों की पूरी स्थिति आधिकारिक जांच या अस्पताल प्रशासन के बयान के बाद ही स्पष्ट होगी। स्वास्थ्य व्यवस्था पर फिर उठे सवाल बिहार में सरकारी अस्पतालों में मरीजों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न स्तरों पर व्यवस्था की गई है। वैशाली जिला प्रशासन की वेबसाइट के अनुसार जिले में रेफरल अस्पताल समेत कई स्तर की स्वास्थ्य इकाइयां संचालित हैं। लालगंज की इस घटना ने अस्पतालों में मरीजों और मृतकों के परिजनों को मिलने वाली परिवहन सुविधाओं को लेकर चर्चा तेज कर दी है। अब देखना होगा कि मामले में स्वास्थ्य विभाग या अस्पताल प्रशासन की ओर से क्या स्पष्टीकरण सामने आता है। Post navigation मिथिला विश्वविद्यालय से मूल प्रमाणपत्र लेकर लौट रहे वकील की सड़क हादसे में मौ’त, पत्नी और 4 साल की बेटी DMCH में भर्ती बांका में स्कूल से लौट रही नाबालिग छात्रा से छेड़खानी, जबरन मांग में डाला सिंदूर; 6 पर FIR