समस्तीपुर। जिले में संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्यों की तैयारियों को लेकर अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। बाढ़ जैसी आपदा के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही सामने न आए, इसके लिए सभी विभागों को पहले से अपनी-अपनी जिम्मेदारियां तय करने और आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है। प्रभारी सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिया कि बाढ़ राहत कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आपदा की स्थिति उत्पन्न होने पर प्रभावित लोगों को तत्काल राहत उपलब्ध हो, इसके लिए प्रशासनिक स्तर पर सभी जरूरी तैयारियां पहले से पूरी रखी जाएं। दवाइयों का पर्याप्त स्टॉक रखने का निर्देश बाढ़ के दौरान जलजमाव और दूषित पानी के कारण कई तरह की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग को आवश्यक दवाइयों का पर्याप्त स्टॉक रखने का निर्देश दिया गया है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जरूरत पड़ने पर मेडिकल टीमों की तैनाती और लोगों को समय पर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। प्रशासन का उद्देश्य है कि बाढ़ प्रभावित लोगों को इलाज के लिए दूर जाने की आवश्यकता न पड़े और आवश्यकता पड़ने पर प्रभावित क्षेत्रों के नजदीक ही स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें। पशुओं के लिए चारा की व्यवस्था बाढ़ का असर केवल लोगों पर ही नहीं, बल्कि पशुधन पर भी पड़ता है। कई बार जलजमाव के कारण पशुओं के लिए चारा उपलब्ध कराना मुश्किल हो जाता है। इसको ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने पशु चारा का पर्याप्त स्टॉक पहले से रखने का निर्देश दिया है। यह भी पढ़ें सरायरंजन में NH-322 जाम: आरोपी शिक्षक की गिरफ्तारी की मांग को लेकर सड़क पर उतरे लोग, 4 घंटे बाधित रहा आवागमनअधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पशुपालकों को आवश्यकता के अनुसार चारा उपलब्ध कराया जा सके। इससे लोगों को अपने पशुओं के लिए चारे की समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा। पॉलिथीन शीट का पर्याप्त भंडारण बाढ़ के दौरान कई परिवारों के घरों में पानी प्रवेश करने या घरों के क्षतिग्रस्त होने की स्थिति पैदा हो सकती है। ऐसी परिस्थिति में प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत देने के लिए पॉलिथीन शीट का पर्याप्त स्टॉक रखने का निर्देश दिया गया है। प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि राहत सामग्री का भंडारण ऐसे स्थानों पर किया जाए, जहां से जरूरत पड़ने पर उसे आसानी से बाढ़ प्रभावित इलाकों तक पहुंचाया जा सके। राहत शिविरों की व्यवस्था पर भी जोर संभावित बाढ़ की स्थिति में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए राहत शिविरों की व्यवस्था भी महत्वपूर्ण है। प्रशासन की ओर से राहत शिविरों में पेयजल, भोजन, शौचालय, बिजली और अन्य आवश्यक सुविधाओं को लेकर पहले से तैयारी रखने पर जोर दिया गया है। अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया है कि यदि किसी क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति गंभीर होती है तो वहां से लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने में किसी प्रकार की देरी न हो। नाव और बचाव संसाधन रहें तैयार बाढ़ प्रभावित इलाकों में आवागमन की समस्या को देखते हुए नावों और अन्य आवश्यक बचाव संसाधनों की उपलब्धता पर भी विशेष ध्यान देने की जरूरत है। प्रशासन की ओर से संबंधित अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में उपलब्ध संसाधनों की स्थिति की समीक्षा करने तथा आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है। यह भी पढ़ें विद्यालय की वित्तीय अनियमितताओं पर प्रभारी प्रधानाध्यापक निलंबित, जांच में अभिलेखों के संधारण में गड़बड़ी; प्रयोगशाला की बदहाल स्थिति और संसाधनों के रखरखाव में लापरवाही मिलीखासकर नदी के किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की स्थिति पर लगातार नजर रखने की जरूरत बताई गई है। अधिकारियों की जिम्मेदारी पहले से तय करने के निर्देश प्रभारी सचिव ने कहा कि आपदा के समय सबसे बड़ी चुनौती राहत कार्यों को तेजी से जमीन पर लागू करना होता है। इसके लिए यह जरूरी है कि किस अधिकारी को कौन-सी जिम्मेदारी दी गई है, यह पहले से स्पष्ट हो। सभी संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने का निर्देश दिया गया है, ताकि बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होने पर राहत एवं बचाव कार्यों को बिना किसी बाधा के संचालित किया जा सके। नदियों के जलस्तर पर लगातार निगरानी समस्तीपुर जिले से होकर गुजरने वाली प्रमुख नदियों के जलस्तर पर प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है। जलस्तर में वृद्धि की स्थिति में संवेदनशील और निचले इलाकों की निगरानी बढ़ाने तथा स्थानीय स्तर पर लोगों को समय पर सूचना देने की व्यवस्था को भी महत्वपूर्ण माना गया है। प्रशासन की ओर से अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में स्थिति पर नजर रखें और किसी भी तरह की आपात स्थिति की सूचना तत्काल उच्च अधिकारियों तक पहुंचाएं। लोगों से भी सतर्क रहने की अपील प्रशासन ने संभावित बाढ़ को देखते हुए आम लोगों से भी सतर्क रहने की अपील की है। लोगों को नदी, तेज बहाव वाले पानी और जलजमाव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक जाने से बचने की सलाह दी गई है। साथ ही किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है। यह भी पढ़ें समस्तीपुर : बच्चों के विवाद में खूनी संघर्ष, बुजुर्ग महिला की पीट-पीटकर ह’त्या, दो पक्षों के बीच जमकर चले लाठी-डंडेकुल मिलाकर, समस्तीपुर में संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन ने तैयारियों को मजबूत करने पर जोर दिया है। दवा, पशु चारा, पॉलिथीन शीट, राहत शिविर, नाव और अन्य आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ-साथ अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि आपदा के समय किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए और जरूरतमंद लोगों तक राहत सामग्री एवं आवश्यक सेवाएं समय पर पहुंचाना सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। समस्तीपुर और बिहार की हर जरूरी खबर के लिए जुड़े रहें — musrigharari.com Post navigation गंगा-बाया के उफान से विद्यापतिनगर में गहराया संकट, 15 हजार आबादी प्रभावित; 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