समस्तीपुर: जिले के एक विद्यालय में वित्तीय एवं प्रशासनिक अनियमितताओं से जुड़ी जांच के बाद शिक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच के दौरान विद्यालय के वित्तीय अभिलेखों के संधारण में गड़बड़ी के साथ-साथ प्रयोगशाला की बदहाल स्थिति और उपलब्ध संसाधनों के रखरखाव में लापरवाही सामने आने के बाद विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक को निलंबित कर दिया गया है।

विभागीय जांच में विद्यालय के संचालन से संबंधित कई बिंदुओं पर खामियां पाई गईं। खासकर विद्यालय में रखे जाने वाले विभिन्न अभिलेखों और वित्तीय रिकॉर्ड के संधारण को लेकर गंभीर लापरवाही सामने आई। इसके अलावा विद्यालय की प्रयोगशाला की स्थिति भी संतोषजनक नहीं पाई गई।

जांच के दौरान अभिलेखों के संधारण में मिली गड़बड़ी

जांच के दौरान विद्यालय के वित्तीय एवं प्रशासनिक कार्यों से जुड़े अभिलेखों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान कई रिकॉर्ड निर्धारित तरीके से संधारित नहीं पाए गए। विभागीय अधिकारियों ने विद्यालय प्रबंधन की ओर से अभिलेखों के रखरखाव में बरती गई लापरवाही को गंभीरता से लिया।

विद्यालय में वित्तीय लेन-देन और विभिन्न मदों में किए गए खर्च से संबंधित दस्तावेजों को व्यवस्थित तरीके से रखने की जिम्मेदारी विद्यालय प्रशासन की होती है। ऐसे में अभिलेखों के संधारण में गड़बड़ी को विभाग ने प्रशासनिक स्तर पर गंभीर मामला माना।

प्रयोगशाला की स्थिति भी मिली बदहाल

जांच के दौरान विद्यालय की प्रयोगशाला का भी निरीक्षण किया गया। निरीक्षण में प्रयोगशाला की स्थिति संतोषजनक नहीं मिली। प्रयोगशाला में उपलब्ध संसाधनों और उपकरणों के रखरखाव को लेकर भी लापरवाही सामने आने की बात कही गई है।

विद्यालयों में प्रयोगशालाओं का उद्देश्य विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ विषयों की व्यावहारिक जानकारी उपलब्ध कराना है। ऐसे में प्रयोगशाला की बदहाल स्थिति और संसाधनों के रखरखाव में कमी को शिक्षा विभाग ने गंभीरता से लिया।

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संसाधनों के रखरखाव में लापरवाही

जांच के दौरान विद्यालय में उपलब्ध विभिन्न संसाधनों के रखरखाव की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों के निरीक्षण में संसाधनों के उचित रखरखाव और उपयोग को लेकर सवाल उठे। विभाग की ओर से विद्यालय प्रशासन को उपलब्ध सुविधाओं एवं संसाधनों का सही तरीके से इस्तेमाल और उनका नियमित रखरखाव सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी जाती है।

जांच में सामने आई कमियों के आधार पर प्रभारी प्रधानाध्यापक के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की गई है। निलंबन के साथ आगे की विभागीय प्रक्रिया भी जारी रहने की जानकारी है।

विभागीय कार्रवाई के बाद बढ़ी जिम्मेदारी

शिक्षा विभाग की इस कार्रवाई के बाद विद्यालयों में वित्तीय पारदर्शिता, अभिलेखों के सही संधारण और उपलब्ध संसाधनों के रखरखाव को लेकर एक बार फिर सवाल उठे हैं। विभाग की ओर से विद्यालय प्रशासन को नियमों के अनुसार सभी वित्तीय एवं प्रशासनिक रिकॉर्ड अपडेट रखने तथा सरकारी संसाधनों का उचित उपयोग सुनिश्चित करने पर जोर दिया जाता रहा है।

फिलहाल प्रभारी प्रधानाध्यापक के खिलाफ विभागीय जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले में अंतिम रूप से यह स्पष्ट हो सकेगा कि किन-किन बिंदुओं पर जिम्मेदारी तय की जाती है और आगे क्या कार्रवाई होती है।

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