समस्तीपुर/पूसा: डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा के नए सत्र के छात्रों से भरी बस को रोककर मारपीट करने का मामला सामने आया है। घटना पूसा थाना क्षेत्र में हरपुर चौक और भूस्कौल चौक के बीच की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, विश्वकर्मा भगवान की प्रतिमा विसर्जन के लिए ट्रैक्टर से जा रहे युवकों और बस चालक के बीच हॉर्न बजाने को लेकर विवाद शुरू हुआ, जिसके बाद मामला मारपीट तक पहुंच गया। हॉर्न बजाने को लेकर शुरू हुआ विवाद बताया गया कि विश्वविद्यालय के नए सत्र के छात्र ढोली कृषि महाविद्यालय से भ्रमण कर बस से पूसा की ओर लौट रहे थे। इसी दौरान भूस्कौल चौक के आगे हरपुर चौक की ओर से ट्रैक्टर पर भगवान विश्वकर्मा की प्रतिमा लेकर कुछ युवक विसर्जन के लिए जा रहे थे। ट्रैक्टर पर डीजे बज रहा था और युवक नाचते हुए आगे बढ़ रहे थे। बस चालक ने रास्ता देने के लिए ट्रैक्टर को साइड करने के उद्देश्य से कई बार हॉर्न बजाया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इसी बात को लेकर विसर्जन में शामिल युवकों और बस चालक के बीच कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और चालक के साथ मारपीट की गई। चालक को बचाने बस से नीचे उतरे छात्र चालक के साथ मारपीट होते देख बस में सवार छात्र नीचे उतर आए और चालक को बचाने का प्रयास करने लगे। आरोप है कि इस दौरान छात्रों के साथ भी मारपीट की गई। घटना में कई छात्रों को चोट लगने की जानकारी सामने आई है। यह भी पढ़ें जख्मी मां के बयान पर प्राथमिकी, पिता की ह’त्या का आरोपी पुत्र भेजा गया जेलवहीं, कुछ छात्रों ने पूरे घटनाक्रम का मोबाइल फोन से वीडियो भी बना लिया। सूचना मिलने के बाद विश्वविद्यालय के सुरक्षा कर्मियों के साथ पूसा थाना की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस के पहुंचने पर मारपीट में शामिल युवक वहां से चले गए। वीडियो के आधार पर आरोपितों की पहचान का प्रयास घटना के बाद छात्रों द्वारा बनाए गए मोबाइल वीडियो को महत्वपूर्ण साक्ष्य माना जा रहा है। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से वीडियो फुटेज के आधार पर मारपीट में शामिल युवकों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। एक रिपोर्ट के अनुसार, प्रथम दृष्टया करीब नौ युवकों को चिह्नित किए जाने की बात सामने आई है। पुलिस ने शुरू की जांच घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और छात्रों को सुरक्षित रूप से विश्वविद्यालय भेजा। मारपीट में घायल बस चालक को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। बाद में विश्वविद्यालय के सुरक्षा प्रभारी के बयान पर मामले में प्राथमिकी दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस वीडियो फुटेज और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है। विश्वविद्यालय में देश के अलग-अलग राज्यों से छात्र पढ़ाई करते हैं और बड़ी संख्या में छात्र परिसर के छात्रावासों में रहते हैं। ऐसे में घटना के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से छात्रों की सुरक्षा को लेकर भी आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। Post navigation विद्यालय की वित्तीय अनियमितताओं पर प्रभारी प्रधानाध्यापक निलंबित, जांच में अभिलेखों के संधारण में गड़बड़ी; प्रयोगशाला की बदहाल स्थिति और संसाधनों के रखरखाव में लापरवाही मिली बिहार बोर्ड ने बढ़ायी परीक्षा फॉर्म भरने की तारीख, इंटर-मैट्रिक के छात्र अब 30 सितंबर तक कर सकेंगे आवेदन…