Samastipur Sand Gravel News: समस्तीपुर जिले में बालू और गिट्टी की खरीद-बिक्री को लेकर ट्रक मालिकों ने अहम निर्णय लिया है। ट्रक मालिकों की ओर से 1 अक्टूबर 2026 से बालू और गिट्टी की बिक्री CFT (क्यूबिक फीट) के बजाय वजन यानी टन के आधार पर करने का सामूहिक निर्णय लिया गया है। इस फैसले का उद्देश्य बालू-गिट्टी की खरीद-बिक्री में मात्रा को लेकर होने वाली परेशानियों को कम करना और वजन के आधार पर कारोबार को अधिक स्पष्ट बनाना बताया जा रहा है।

CFT के बजाय टन में होगी बिक्री

अब तक बालू और गिट्टी की खरीद-बिक्री में कई जगह CFT यानी क्यूबिक फीट का इस्तेमाल किया जाता रहा है। ट्रक मालिकों के नए निर्णय के अनुसार 1 अक्टूबर से CFT के आधार पर बिक्री नहीं की जाएगी और सामग्री की मात्रा वजन के हिसाब से तय की जाएगी।

वजन के आधार पर बिक्री की व्यवस्था लागू होने से खरीदार को कितनी मात्रा में बालू या गिट्टी मिल रही है, इसे निर्धारित करना आसान हो सकता है। बिहार के अन्य जिलों में भी ट्रक ओनर एसोसिएशन की ओर से टन के आधार पर बिक्री की व्यवस्था लागू करने की पहल की गई है।

ट्रक मालिकों ने लिया सामूहिक निर्णय

समस्तीपुर में ट्रक मालिकों की ओर से इस व्यवस्था को लेकर सामूहिक निर्णय लिया गया है। उनका कहना है कि बालू और गिट्टी खदान से वजन के आधार पर उपलब्ध होती है, जबकि रास्ते में सामग्री के वजन में कमी यानी सिंकेज की स्थिति में ट्रक मालिकों को नुकसान का सामना करना पड़ सकता है।

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अन्य जिलों में ट्रक मालिक संगठनों ने भी इसी तरह वजन के आधार पर बालू-गिट्टी की बिक्री की व्यवस्था को लेकर निर्णय लिए हैं। मुजफ्फरपुर में भी ट्रक ओनर एसोसिएशन ने टन के हिसाब से बिक्री को पारदर्शिता से जोड़ते हुए इस व्यवस्था को लागू करने की बात कही है।

ग्राहकों को भी मिल सकती है सुविधा

टन के आधार पर बिक्री होने से ग्राहक द्वारा खरीदी गई बालू या गिट्टी की मात्रा वजन के रूप में स्पष्ट रहेगी। इससे खरीददार और विक्रेता के बीच मात्रा को लेकर होने वाले विवादों को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

वजन के आधार पर बिक्री की व्यवस्था को लेकर अन्य जिलों की रिपोर्टों में भी यह तर्क सामने आया है कि इससे खरीद-बिक्री में पारदर्शिता बढ़ सकती है और ग्राहक को खरीदी गई सामग्री की वास्तविक मात्रा का स्पष्ट हिसाब मिल सकता है।

ओवरलोडिंग पर भी चर्चा

बालू और गिट्टी के कारोबार से जुड़े ट्रक मालिकों की प्रमुख समस्याओं में ओवरलोडिंग भी शामिल है। बिहार के अलग-अलग जिलों में ट्रक मालिक संगठनों की बैठकों में ओवरलोड वाहनों पर कार्रवाई, वैध चालान और सुरक्षित पार्किंग जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई है।

टन के आधार पर बिक्री लागू होने के साथ ओवरलोडिंग पर नियंत्रण को लेकर भी निगरानी महत्वपूर्ण होगी। इससे सड़क सुरक्षा और ट्रक परिचालन से जुड़े नियमों के पालन पर ध्यान देने की जरूरत होगी।

1 अक्टूबर से लागू करने की तैयारी

समस्तीपुर में ट्रक मालिकों द्वारा लिए गए निर्णय के अनुसार 1 अक्टूबर 2026 से CFT के बजाय टन के हिसाब से बालू और गिट्टी की बिक्री किए जाने की बात कही गई है। ऐसे में बालू-गिट्टी खरीदने वाले ग्राहकों और इस कारोबार से जुड़े लोगों के लिए यह बदलाव महत्वपूर्ण होगा।

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नई व्यवस्था लागू होने के बाद इसकी वास्तविक प्रक्रिया, वजन की व्यवस्था और बिक्री दर को लेकर संबंधित कारोबारी एवं ट्रक मालिक संगठनों की भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी।

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