समस्तीपुर: समस्तीपुर जिले के मुसरीघरारी थाना क्षेत्र अंतर्गत मुसरीघरारी चौराहे पर मंगलवार को समस्तीपुर एसटीएफ और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए एक संदिग्ध युवक को हिरासत में लिया। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से नीले रंग की महिंद्रा एक्सयूवी-700 कार भी जब्त की है। वाहन के आगे नंबर प्लेट नहीं लगी थी, जबकि पीछे की ओर BR01HJ7194 नंबर अंकित पाया गया। संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर STF की कार्रवाई जानकारी के अनुसार, STF की टीम को जिले में सक्रिय ऐसे गिरोह के संबंध में इनपुट मिला था, जो कथित तौर पर राहगीरों से चेन, मोबाइल और रुपये छीनने जैसी घटनाओं को अंजाम दे रहा था। इसी सूचना के आधार पर संदिग्ध वाहन की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी। जांच के दौरान STF ने एक XUV-700 को संदिग्ध परिस्थितियों में चिन्हित किया और उसके चालक को हिरासत में लिया। वाहन की भी जांच की गई है और पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इसका इस्तेमाल किसी आपराधिक घटना में किया गया था या नहीं। चालक से पूछताछ जारी हिरासत में लिए गए चालक से पुलिस की ओर से पूछताछ की जा रही है। पूछताछ के दौरान उसके संपर्क में रहने वाले लोगों, वाहन की आवाजाही और पूर्व की गतिविधियों के संबंध में जानकारी जुटाई जा सकती है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि चालक अकेले काम करता था या उसके साथ अन्य लोग भी जुड़े हुए हैं। इसके अलावा संदिग्ध वाहन के पिछले कुछ दिनों के मूवमेंट की भी जांच किए जाने की संभावना है। यह भी पढ़ें समस्तीपुर में दिखा दुर्लभ ‘जल बवंडर’, पानी की सतह से आसमान तक बनी कीपचेन, मोबाइल और रुपये छीनने वाले गिरोह से जुड़ने की आशंका पुलिस को आशंका है कि हिरासत में लिया गया व्यक्ति ऐसे गिरोह से जुड़ा हो सकता है, जो सड़क पर लोगों को निशाना बनाकर चेन, मोबाइल फोन और नकदी छीनने की घटनाओं को अंजाम देता है। इस तरह के मामलों में अपराधी अक्सर बाइक या चारपहिया वाहन का इस्तेमाल कर घटना के बाद तेजी से मौके से निकल जाते हैं। STF अब यह पता लगाने में जुटी है कि हिरासत में लिया गया वाहन और चालक किसी पूर्व में दर्ज मामले से जुड़े हैं या नहीं। हालांकि, अभी तक पुलिस की ओर से यह स्पष्ट रूप से पुष्टि नहीं की गई है कि हिरासत में लिए गए चालक ने किसी वारदात को अंजाम दिया है। इसलिए जांच पूरी होने तक उसे संदिग्ध के रूप में ही देखा जा रहा है। XUV-700 की भी जांच STF ने जिस XUV-700 को हिरासत में लिया है, उसकी भी बारीकी से जांच की जा रही है। वाहन के दस्तावेज, रजिस्ट्रेशन, मालिकाना हक और वाहन के इस्तेमाल से संबंधित जानकारी जुटाई जा सकती है। पुलिस यह भी जांच कर सकती है कि वाहन में कोई संदिग्ध सामान या ऐसी वस्तु तो नहीं मिली, जिसका संबंध किसी आपराधिक घटना से हो। वाहन की तकनीकी जांच और उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों से भी मामले में आगे की कड़ियां जुड़ने की संभावना है। पुराने मामलों से भी जोड़े जा सकते हैं तार यदि पूछताछ और जांच के दौरान कोई ठोस सुराग सामने आता है तो पुलिस इस मामले को जिले में हाल के दिनों में हुई चेन स्नैचिंग, मोबाइल छिनतई और नकदी लूट की घटनाओं से जोड़कर भी जांच कर सकती है। यह भी पढ़ें इलाज के दौरान महिला सिपाही की मौत मामले में अस्पताल प्रबंधन ने शुरू की जांच, तीन डॉक्टरों से मांगा गया स्पष्टीकरण, डीएस को सौंपी गई जांच की जिम्मेदारीऐसे मामलों में पुलिस आमतौर पर घटनास्थल के आसपास लगे CCTV कैमरों, मोबाइल लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की मदद से संदिग्धों की गतिविधियों का मिलान करती है। STF की कार्रवाई के बाद अब इन घटनाओं से जुड़े मामलों में भी नए सुराग मिलने की संभावना जताई जा रही है। पुलिस कर रही है पूरे नेटवर्क की पड़ताल मामले में केवल चालक से पूछताछ तक कार्रवाई सीमित नहीं रहने की संभावना है। यदि पुलिस को गिरोह से जुड़े अन्य लोगों के संबंध में जानकारी मिलती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है। पुलिस यह जानने का प्रयास कर सकती है कि कथित तौर पर छीने गए मोबाइल फोन, चेन और नकदी को कहां खपाया जाता था और वारदात के बाद आरोपी किस रास्ते से फरार होते थे। इसके साथ ही गिरोह में वाहन उपलब्ध कराने वाले या अन्य प्रकार से मदद करने वाले लोगों की भूमिका की भी जांच की जा सकती है। गिरफ्तारी और बरामदगी पर नजर फिलहाल STF की कार्रवाई में संदिग्ध XUV-700 और उसके चालक को हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई है। आगे की कार्रवाई पूछताछ और जांच में मिलने वाले साक्ष्यों पर निर्भर करेगी। यदि किसी आपराधिक घटना में चालक की संलिप्तता के पर्याप्त साक्ष्य मिलते हैं तो पुलिस नियमानुसार उसे गिरफ्तार कर सकती है। साथ ही पूर्व की घटनाओं से संबंधित सामान की बरामदगी होने पर मामले में और भी महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं। जांच पूरी होने के बाद स्पष्ट होगी स्थिति STF और स्थानीय पुलिस की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि हिरासत में लिया गया चालक वास्तव में किसी छिनतई गिरोह का हिस्सा है या नहीं। फिलहाल पुलिस संदिग्ध वाहन और चालक से जुड़ी जानकारी की जांच कर रही है। यह भी पढ़ें जख्मी मां के बयान पर प्राथमिकी, पिता की ह’त्या का आरोपी पुत्र भेजा गया जेलमामले में आगे यदि अन्य लोगों की गिरफ्तारी, आपराधिक घटनाओं का खुलासा या लूटे गए सामान की बरामदगी होती है तो पुलिस की ओर से इसकी जानकारी सामने आ सकती है। Post navigation सदर SDO ने जनता दरबार में सुनी आमजनों की समस्याएं; 9 मामलों पर सुनवाई, संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई का निर्देश समस्तीपुर जिले के सभी थानों में बनेगा बाल सहायता डेस्क, बच्चों के लिए सहज माहौल तैयार करने के लिए कमरे को बाल अनुकूल और रंगीन बनाया जाएगा