समस्तीपुर: मां की मौत का गम अभी परिवार के बीच ताजा ही था और घर में श्राद्ध कर्म चल रहा था। इसी बीच तीन मासूम बच्चे अपने पिता को बचाने की गुहार लेकर समस्तीपुर एसपी के जनता दरबार पहुंच गए। मां की मौत के मामले में पिता की गिरफ्तारी के बाद बच्चों ने पुलिस के सामने अपने पिता को निर्दोष बताते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। सबसे भावुक तस्वीर उस समय सामने आई, जब 12 वर्षीय शिवा कुमार श्राद्ध कर्म के दौरान पहनी जाने वाली उतरी पहनकर अपने दादा-दादी और छोटे भाई-बहन के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचा। उसके साथ उसकी 11 वर्षीय बहन शिवानी कुमारी और 7 वर्षीय छोटा भाई ललित कुमार भी मौजूद थे। तीनों बच्चों ने कहा कि उनके पिता ने उनकी मां की हत्या नहीं की है। मां की मौत के बाद पिता की गिरफ्तारी मामला समस्तीपुर जिले के खानपुर थाना क्षेत्र के कानू बिशनपुर पंचायत का है। रिपोर्ट के अनुसार, 25 अगस्त की रात मीना देवी की मौत हुई थी। इस मामले में पुलिस ने मृतका के पति अजीत पोद्दार को गिरफ्तार किया है। पुलिस की कार्रवाई के बाद अजीत के तीनों बच्चे और उनके वृद्ध दादा-दादी एसपी के जनता दरबार पहुंचे। परिवार ने पुलिस की जांच पर सवाल उठाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और अजीत को न्याय दिलाने की मांग की। “पापा ने मां को नहीं मारा”, शिवा ने लगाई गुहार जनता दरबार में पहुंचे 12 वर्षीय शिवा ने भावुक होकर अपने पिता को निर्दोष बताया। उसका कहना था कि उसके पिता ने उसकी मां की हत्या नहीं की है और पुलिस ने उन्हें इस मामले में फंसा दिया है। यह भी पढ़ें श्रीराम जानकी मेडिकल कॉलेज समस्तीपुर में कल 18 सितंबर से नामांकन शुरू, संविदा पर नियुक्त होंगे सहायक प्राध्यापकमां को खोने के बाद तीनों बच्चों के सिर से माता-पिता दोनों का सहारा छिनने की स्थिति बन गई है। पिता की गिरफ्तारी के बाद बच्चों ने दादा-दादी के साथ एसपी के जनता दरबार पहुंचकर पुलिस अधिकारियों से मामले की दोबारा निष्पक्ष जांच कराने की अपील की। बच्चों की इस गुहार ने वहां मौजूद लोगों का ध्यान भी अपनी ओर खींचा। खासकर श्राद्ध कर्म की उतरी पहने शिवा अपने पिता की रिहाई की मांग करता नजर आया। दादी ने भी पुलिस की कार्रवाई पर उठाए सवाल अजीत पोद्दार की मां प्रमीला देवी ने भी पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उनका दावा है कि पड़ोसी अरविंद कुमार महतो का उनके घर पर अक्सर आना-जाना था। परिवार ने इस मामले में पुलिस से दूसरे पहलुओं की भी जांच करने की मांग की है। परिजनों के अनुसार, अजीत मजदूरी के सिलसिले में दिल्ली में रहता था। परिवार का कहना है कि उसे पत्नी के साथ किसी कथित संबंध की जानकारी नहीं थी। हालांकि ये बातें परिवार की ओर से लगाए गए आरोप और दावे हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। परिवार के अनुसार सीढ़ी से गिरने की मिली थी जानकारी अजीत की मां प्रमीला देवी के अनुसार, 25 अगस्त की रात मीना देवी के सीढ़ी से गिरने की जानकारी उनकी पोती शिवानी ने दी थी। इसके बाद अजीत और परिवार के अन्य सदस्य मीना देवी को अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद पुलिस ने मृतका के पति सहित कुछ लोगों को पूछताछ के लिए थाने बुलाया था। बाद में पुलिस ने अजीत को हत्या के मामले में गिरफ्तार कर लिया। यह भी पढ़ें Bihar Flood: बिहार में नहीं टला बाढ़ का खतरा, 15 जिलों के 49.74 लाख लोग प्रभावित, गंगा-गंडक-कोसी लाल निशान के ऊपरपुलिस का दावा- पूछताछ में हत्या की बात कबूल की दूसरी ओर, पुलिस का दावा है कि पूछताछ के दौरान अजीत पोद्दार ने अपनी पत्नी की हत्या करने की बात स्वीकार की थी। पुलिस के अनुसार, पत्नी के कथित प्रेम-प्रसंग को लेकर शक के चलते अजीत ने उसकी गला दबाकर हत्या की। पुलिस के इसी दावे के आधार पर अजीत को गिरफ्तार कर जेल भेजे जाने की बात रिपोर्ट में कही गई है। वहीं, परिवार लगातार इस आरोप से इनकार कर रहा है और अजीत को निर्दोष बता रहा है। पुलिस के दावे और परिवार के आरोप में विरोधाभास इस मामले में फिलहाल दो अलग-अलग पक्ष सामने आ रहे हैं। एक तरफ पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान आरोपी पति ने हत्या की बात स्वीकार की और इसी आधार पर कार्रवाई की गई। दूसरी तरफ मृतका के बच्चे और ससुराल पक्ष के लोग अजीत को निर्दोष बताते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। ऐसे में वास्तविक घटना क्या थी और मीना देवी की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसका अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा। केवल परिवार के आरोप या पुलिस के दावे को अंतिम सत्य मानना उचित नहीं होगा। मासूम बच्चों के सामने खड़ा हुआ बड़ा संकट मां की मौत और पिता की गिरफ्तारी के बाद तीनों बच्चों के सामने अब बड़ा संकट खड़ा हो गया है। 12 वर्षीय शिवा, 11 वर्षीय शिवानी और 7 वर्षीय ललित अपनी मां को खो चुके हैं और पिता को भी जेल में देख रहे हैं। यह भी पढ़ें बिहार में 4000 माफिया की संपत्ति जब्त करने की सम्राट सरकार की बड़ी तैयारी, विधायक अमित रानू का भी नाम, ADG ने बताया प्लानइसी स्थिति में तीनों बच्चे अपने दादा-दादी के साथ एसपी के जनता दरबार पहुंचे और अपने पिता के लिए न्याय की गुहार लगाई। परिवार की मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष तरीके से जांच हो और यदि अजीत निर्दोष हैं तो उन्हें न्याय मिलना चाहिए। निष्पक्ष जांच की मांग परिजनों ने एसपी के जनता दरबार में मामले के सभी पहलुओं की जांच कराने की मांग रखी है। परिवार का कहना है कि पुलिस को घटना के दौरान मौजूद परिस्थितियों, आसपास के लोगों की भूमिका और अन्य संभावित पहलुओं की भी जांच करनी चाहिए। फिलहाल मामले में पुलिस की जांच और न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। आने वाले दिनों में जांच के दौरान सामने आने वाले साक्ष्यों से ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मीना देवी की मौत की वास्तविक वजह क्या थी और इस मामले में किसकी भूमिका थी। निष्कर्ष समस्तीपुर में सामने आया यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि मां की मौत के कुछ ही दिनों बाद उसके तीन मासूम बच्चे अपने पिता को निर्दोष बताते हुए पुलिस के जनता दरबार पहुंच गए। श्राद्ध की उतरी पहने 12 वर्षीय शिवा की अपने पिता को बचाने की गुहार ने पूरे मामले को भावुक बना दिया है। हालांकि, मामले में पुलिस का अपना पक्ष और परिवार का अलग दावा सामने आया है। इसलिए अंतिम सच्चाई जांच पूरी होने और अदालत की प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगी।