Samastipur: समस्तीपुर में शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में बड़ी संख्या में लंबित एवं सुलहनीय मामलों का निपटारा किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वावधान में आयोजित इस राष्ट्रीय लोक अदालत में अलग-अलग बेंचों का गठन कर मामलों की सुनवाई की गई। न्यायिक अधिकारियों के साथ पैनल अधिवक्ताओं और संबंधित कर्मियों ने मामलों के त्वरित निष्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

राष्ट्रीय लोक अदालत में 3542 मामलों का हुआ निष्पादन

राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान समस्तीपुर जिले में कुल 3542 मामलों का निष्पादन किया गया। लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य आपसी सहमति और समझौते के आधार पर मामलों का जल्द से जल्द समाधान कराना रहा। इसके माध्यम से लंबे समय से चल रहे विवादों को कम समय में समाप्त करने का प्रयास किया गया।

लोक अदालत में न्यायालय में लंबित मामलों के साथ-साथ प्री-लिटिगेशन स्तर के सुलहनीय मामलों को भी शामिल किया गया। पक्षकारों को आपसी सहमति से विवाद का समाधान करने का अवसर मिला, जिससे उन्हें लंबी न्यायिक प्रक्रिया से राहत मिल सके।

अलग-अलग बेंचों पर न्यायिक अधिकारियों ने संभाली जिम्मेदारी

राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल आयोजन के लिए विभिन्न बेंचों का गठन किया गया था। प्रत्येक बेंच पर न्यायिक अधिकारियों, पैनल अधिवक्ताओं और सहयोगी कर्मियों की जिम्मेदारी तय की गई थी। संबंधित बेंचों में पहुंचने वाले पक्षकारों के मामलों की सुनवाई कर आपसी सहमति से समाधान कराने का प्रयास किया गया।

लोक अदालत में मामलों के निष्पादन के दौरान दोनों पक्षों की सहमति को प्राथमिकता दी गई। जहां पक्षकारों के बीच समझौते की स्थिति बनी, वहां नियमानुसार मामले का निपटारा किया गया।

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बैंक, चेक बाउंस और अन्य सुलहनीय मामलों का भी निपटारा

राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न प्रकार के सुलहनीय मामलों को शामिल किया गया। इनमें बैंक ऋण, चेक बाउंस, विद्युत, परिवहन से जुड़े मामले तथा अन्य ऐसे मामले शामिल रहे, जिनका आपसी समझौते के माध्यम से समाधान संभव है।

लोक अदालत के आयोजन से पहले भी संबंधित विभागों और जिला विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से लोगों को जागरूक किया गया था। पक्षकारों को अपने लंबित मामलों के समाधान के लिए लोक अदालत में पहुंचने और आपसी सहमति से विवाद समाप्त करने की जानकारी दी गई थी।

लोक अदालत से लोगों को मिलती है त्वरित राहत

राष्ट्रीय लोक अदालत आम लोगों के लिए लंबित मामलों के त्वरित समाधान का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। इसमें पक्षकार आपसी सहमति से विवाद का समाधान कर सकते हैं। इससे समय और खर्च दोनों की बचत होती है तथा लंबे समय तक चलने वाली मुकदमेबाजी से भी राहत मिलती है।

समस्तीपुर में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में 3542 मामलों का निष्पादन जिले में लोक अदालत की प्रभावी भूमिका को दर्शाता है। न्यायिक अधिकारियों और संबंधित विभागों के समन्वय से बड़ी संख्या में मामलों को समाधान तक पहुंचाया गया।

अनावश्यक मुकदमेबाजी से बचने का संदेश

राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से लोगों को यह संदेश भी दिया गया कि जिन मामलों का समाधान आपसी सहमति से संभव है, उन्हें अनावश्यक रूप से लंबे समय तक न्यायालय में चलाने के बजाय समझौते के माध्यम से समाप्त किया जा सकता है। लोक अदालत इसी उद्देश्य से लोगों को सरल और त्वरित न्याय उपलब्ध कराने की दिशा में काम करती है।

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समस्तीपुर में आयोजित इस राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान मामलों के निष्पादन से बड़ी संख्या में पक्षकारों को राहत मिली है।

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