Samastipur News: समस्तीपुर सदर अस्पताल में कैंसर की समय पर पहचान और जांच को लेकर स्वास्थ्य विभाग की ओर से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में सितंबर माह में कैंसर के संदिग्ध चार मामलों में बायोप्सी की गई है। वहीं, राष्ट्रीय गैर संचारी रोग (NCD) कार्यक्रम के तहत लोगों में सर्वाइकल, ब्रेस्ट और ओरल कैंसर की स्क्रीनिंग पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

तीन प्रमुख कैंसर की हो रही स्क्रीनिंग

स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिले के स्वास्थ्य संस्थानों में गैर संचारी रोगों की स्क्रीनिंग का अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत उच्च रक्तचाप और मधुमेह के साथ-साथ तीन प्रमुख प्रकार के कैंसर की जांच की जा रही है। इनमें मुंह का कैंसर, स्तन कैंसर और गर्भाशय ग्रीवा यानी सर्वाइकल कैंसर शामिल हैं।

इस अभियान का उद्देश्य कैंसर जैसी गंभीर बीमारी की शुरुआती स्तर पर पहचान करना और संदिग्ध मरीजों को आगे की जांच तथा उपचार के लिए उचित स्वास्थ्य संस्थान तक पहुंचाना है।

संदिग्ध मामलों में बायोप्सी से जांच

सदर अस्पताल में जांच के दौरान कैंसर के लक्षण या संदेह सामने आने वाले मरीजों की आगे की जांच की जा रही है। इसी क्रम में इस माह चार संदिग्ध मामलों की बायोप्सी की गई है। बायोप्सी के माध्यम से संदिग्ध ऊतक के नमूने की जांच कर बीमारी की प्रकृति की पुष्टि करने में मदद मिलती है।

स्वास्थ्य विभाग का जोर इस बात पर है कि मरीजों में शुरुआती लक्षण दिखाई देने पर जांच में देरी न हो और आवश्यकता के अनुसार उन्हें आगे की चिकित्सकीय जांच के लिए भेजा जा सके।

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गांव-गांव तक पहुंचाई जा रही स्क्रीनिंग सुविधा

समस्तीपुर जिले में गैर संचारी रोगों की स्क्रीनिंग को स्वास्थ्य संस्थानों तक सीमित रखने के बजाय इसे व्यापक स्तर पर लोगों तक पहुंचाने की योजना पर भी काम किया जा रहा है। सितंबर से नवंबर तक चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में लोगों की स्क्रीनिंग की जा रही है।

इस अभियान में ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को भी कैंसर सहित अन्य गैर संचारी रोगों की जांच के लिए जागरूक किया जा रहा है। शुरुआती जांच में किसी तरह का संदेह सामने आने पर मरीज को आगे की जांच और उपचार की प्रक्रिया से जोड़ा जा रहा है।

सदर अस्पताल को बनाया जा रहा जांच का प्रमुख केंद्र

समस्तीपुर सदर अस्पताल को जिले की जांच व्यवस्था में महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। नई व्यवस्था के तहत जिले के विभिन्न पीएचसी, सीएचसी और अनुमंडल अस्पतालों से सैंपल सदर अस्पताल की केंद्रीय लैब तक पहुंचाने की तैयारी की गई है। यहां बड़ी संख्या में जांच की सुविधा उपलब्ध कराने की योजना है।

इस व्यवस्था से ग्रामीण और दूरदराज के मरीजों को जांच की बेहतर सुविधा मिलने की उम्मीद है। स्वास्थ्य विभाग की कोशिश है कि गंभीर बीमारियों की पहचान समय रहते हो सके और मरीजों को आवश्यक उपचार से जोड़ा जा सके।

समय पर जांच से बीमारी की पहचान में मदद

कैंसर के मामले में शुरुआती स्तर पर जांच और चिकित्सकीय सलाह महत्वपूर्ण मानी जाती है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों को शरीर में असामान्य बदलाव, लंबे समय तक रहने वाले लक्षण या किसी संदिग्ध गांठ आदि को नजरअंदाज नहीं करने और चिकित्सकीय जांच कराने के लिए जागरूक किया जा रहा है।

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समस्तीपुर सदर अस्पताल में चार संदिग्ध मामलों की बायोप्सी और जिले में चल रही कैंसर स्क्रीनिंग इसी दिशा में उठाए जा रहे कदमों का हिस्सा है। आने वाले समय में स्क्रीनिंग अभियान के माध्यम से अधिक लोगों तक जांच सुविधा पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है।

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