Samastipur News: समस्तीपुर जंक्शन और समस्तीपुर रेल मंडल के विभिन्न स्टेशनों पर ट्रेन में चढ़ने के दौरान यात्रियों को सावधान रहने की जरूरत है। ट्रेन के रुकने और खुलने के समय कोच के गेट पर कृत्रिम भीड़ बनाकर यात्रियों के गले से चेन, जेब से मोबाइल और अन्य सामान चोरी करने वाले गिरोह की सक्रियता सामने आई है। रेल पुलिस की जांच में इस तरह की घटनाओं में पश्चिम बंगाल से जुड़े गिरोह की संलिप्तता सामने आने की बात कही गई है।

ट्रेन के गेट पर बनाई जाती है कृत्रिम भीड़

जांच के अनुसार, गिरोह के सदस्य ट्रेन के प्लेटफॉर्म पर पहुंचने के बाद कोच के गेट के आसपास सात-आठ लोगों की भीड़ बना लेते हैं। ये लोग यात्रियों के रास्ते में खड़े होकर उन्हें कोच के अंदर जाने में परेशानी पैदा करते हैं। ट्रेन खुलने का समय होने के कारण यात्री भी जल्दी में रहते हैं और इसी अफरा-तफरी का फायदा उठाकर गिरोह के अन्य सदस्य अपने शिकार को निशाना बनाते हैं।

कई मामलों में पीड़ित यात्री को चोरी या चेन झपटमारी की जानकारी ट्रेन के अंदर अपनी सीट पर पहुंचने के बाद होती है। यही कारण है कि यात्रियों को ट्रेन में चढ़ते समय विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी जा रही है।

महिलाओं के गले से चेन और यात्रियों के मोबाइल पर नजर

गिरोह की नजर खासकर महिला यात्रियों के गले में पहने आभूषणों पर रहती है। भीड़ के बीच एक सदस्य कथित तौर पर चेन या अन्य आभूषण झपट लेता है, जबकि उसके साथी भीड़ में ही गायब हो जाते हैं।

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समस्तीपुर जंक्शन पर ऐसी घटनाओं के अलावा समस्तीपुर-दरभंगा रेलखंड के कुछ स्टेशनों पर ट्रेन खुलने के दौरान मोबाइल झपटमारी की घटनाएं भी सामने आती रही हैं।

एसी कोच भी नहीं हैं पूरी तरह सुरक्षित

इस तरह की घटनाएं केवल सामान्य या स्लीपर कोच तक सीमित नहीं बताई जा रही हैं। एसी कोच के गेट पर भी संदिग्ध लोगों की भीड़ देखे जाने की शिकायतें सामने आई हैं।

हाल में वैशाली एक्सप्रेस से जुड़ी एक घटना में भी सात-आठ लोगों के एक समूह पर महिला यात्री को घेरकर उसके आभूषण लूटने का आरोप लगा है। मामले की जांच के लिए पुलिस द्वारा सीसीटीवी फुटेज समेत अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है।

पश्चिम बंगाल के गिरोह से जुड़ी जांच

समस्तीपुर जीआरपी के अनुसार, जांच में पश्चिम बंगाल से जुड़े एक गिरोह की संलिप्तता सामने आई है। रेल पुलिस ने चेन स्नैचिंग के मामले में दक्षिण 24 परगना क्षेत्र से जुड़े राजू लश्कर को गिरफ्तार किया था। पूछताछ के दौरान ट्रेन के गेट पर कृत्रिम भीड़ बनाकर वारदात करने के तरीके के बारे में जानकारी मिलने की बात पुलिस ने कही है।

जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह के सदस्य अलग-अलग भूमिकाओं में काम करते हैं। कुछ लोग गेट पर भीड़ बनाकर यात्रियों को रोकते हैं, जबकि दूसरा सदस्य इसी दौरान किसी यात्री को निशाना बनाकर भीड़ का फायदा उठाते हुए मौके से निकल जाता है।

CCTV और तकनीकी जांच से संदिग्धों की पहचान

घटनाओं की जांच के दौरान रेल पुलिस स्टेशन पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज के साथ-साथ तकनीकी साक्ष्यों का भी इस्तेमाल कर रही है। हालांकि, कुछ महत्वपूर्ण स्थानों पर कोच के गेट को सीधे कवर करने वाले कैमरे नहीं होने से जांच में परेशानी की बात भी सामने आई है।

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रेल पुलिस की ओर से संदिग्धों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई जारी होने की जानकारी दी गई है। यात्रियों की सुरक्षा को लेकर आरपीएफ के साथ समन्वय कर निगरानी बढ़ाने की बात भी कही गई है।

यात्रियों को बरतनी होगी सावधानी

ट्रेन में चढ़ते समय यदि गेट पर अचानक असामान्य भीड़ दिखाई दे तो यात्रियों को सतर्क रहने की जरूरत है। खासकर महिलाएं अपने गले के आभूषण और सभी यात्री मोबाइल, पर्स व अन्य कीमती सामान को सुरक्षित रखें। बच्चों और सामान के साथ यात्रा करने वाले यात्रियों को गेट पर धक्का-मुक्की या अनावश्यक भीड़ के दौरान विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।

बयान :

ट्रेनों में यात्रियों को निशाना बनाने वाले गिरोह पर पुलिस लगातार नजर बनाए हुए है। ट्रेन के गेट पर कृत्रिम भीड़ जुटाकर चेन, मोबाइल फोन और अन्य कीमती सामान चोरी या झपटने की घटनाओं को रोकने के लिए विशेष निगरानी की जा रही है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की मदद से संदिग्धों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई कर रही है। यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आरपीएफ के साथ समन्वय कर स्टेशनों और ट्रेनों में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। इस मामले में पुलिस ने गिरोह से जुड़े राजू लश्कर को हाल ही में गिरफ्तार किया है।

बीरबल कुमार, जीआरपी थानाध्यक्ष, समस्तीपुर

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