Bihar Police: बिहार में कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने तथा पुलिसिंग की जमीनी स्थिति की निगरानी बढ़ाने के लिए पुलिस मुख्यालय ने नई व्यवस्था लागू की है। इसके तहत 36 वरिष्ठ IPS अधिकारियों को राज्य के 40 पुलिस जिलों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इन अधिकारियों को अपने-अपने आवंटित जिलों में जाकर कानून-व्यवस्था, पुलिस गश्ती, लंबित मामलों और थानों की कार्यप्रणाली की समीक्षा करनी होगी। समीक्षा के बाद अधिकारियों को अपनी रिपोर्ट DGP प्रीता वर्मा को सौंपनी है। समस्तीपुर की जिम्मेदारी एडीजी डॉ. कमल किशोर सिंह को पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी जिम्मेदारियों के अनुसार समस्तीपुर जिले की निगरानी की जिम्मेदारी एडीजी डॉ. कमल किशोर सिंह को दी गई है। उन्हें जिले में जाकर पुलिसिंग और कानून-व्यवस्था की वास्तविक स्थिति का जायजा लेने के साथ जरूरी बिंदुओं पर रिपोर्ट तैयार करनी होगी। इस व्यवस्था का उद्देश्य पुलिस मुख्यालय और जिला स्तर की पुलिसिंग के बीच सीधा समन्वय बढ़ाना और वरिष्ठ अधिकारियों के माध्यम से जमीनी स्तर पर पुलिस व्यवस्था की निगरानी करना है। 40 जिलों की निगरानी करेंगे 36 वरिष्ठ IPS नई व्यवस्था के तहत एडीजी, आईजी और डीआईजी स्तर के अधिकारियों को अलग-अलग जिलों की जिम्मेदारी दी गई है। कुछ वरिष्ठ अधिकारियों को एक से अधिक जिलों की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है। इस तरह 36 अधिकारी 40 पुलिस जिलों की कानून-व्यवस्था और पुलिसिंग की समीक्षा करेंगे। अधिकारियों को केवल कार्यालय स्तर की जानकारी पर निर्भर रहने के बजाय संबंधित जिलों में जाकर वास्तविक स्थिति का निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। थानों की कार्यप्रणाली और गश्ती व्यवस्था की होगी जांच प्रभारी IPS अधिकारियों के निरीक्षण के दौरान जिले में पुलिस की कार्यप्रणाली की समीक्षा की जाएगी। इसमें थानों में दर्ज मामलों के अनुसंधान और निष्पादन, लंबित कांड, पुलिस गश्ती तथा महत्वपूर्ण मामलों की स्थिति जैसे बिंदुओं को देखा जाएगा। यह भी पढ़ें समस्तीपुर जिले के सभी थानों में बनेगा बाल सहायता डेस्क, बच्चों के लिए सहज माहौल तैयार करने के लिए कमरे को बाल अनुकूल और रंगीन बनाया जाएगाइसके साथ ही महिला अपराध और POCSO मामलों की जांच तथा पुलिस की कार्रवाई की भी समीक्षा किए जाने की जानकारी सामने आई है। लंबित कांड और वारंट की भी होगी समीक्षा जिले में लंबित मामलों के साथ-साथ फरार आरोपियों के खिलाफ जारी वारंट, इश्तिहार और कुर्की-जब्ती जैसी कार्रवाई की स्थिति भी समीक्षा के दायरे में रहेगी। अधिकारियों को यह देखने की जिम्मेदारी दी गई है कि लंबित मामलों के निष्पादन में कहां समस्या आ रही है और पुलिस कार्रवाई की स्थिति क्या है। रात्रि गश्ती व्यवस्था की भी जमीनी स्थिति देखी जाएगी, ताकि मुख्यालय को जिलों में पुलिसिंग की वास्तविक स्थिति की जानकारी मिल सके। 27 सितंबर तक निरीक्षण पूरा करने का निर्देश पुलिस मुख्यालय के निर्देश के अनुसार आवंटित जिलों का निरीक्षण 27 सितंबर तक पूरा करने को कहा गया है। निरीक्षण के बाद संबंधित वरिष्ठ IPS अधिकारी जिले की कानून-व्यवस्था और पुलिसिंग से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं पर अपनी रिपोर्ट तैयार करेंगे। इस रिपोर्ट के जरिए पुलिस मुख्यालय को जिलों में मौजूद समस्याओं और पुलिस व्यवस्था की स्थिति की जानकारी मिलेगी। 25 से 28 सितंबर तक जिलों में रात्रि विश्राम इसके समानांतर क्षेत्रीय IG और DIG स्तर के अधिकारियों को भी अपने क्षेत्र के जिलों में जाकर कानून-व्यवस्था की समीक्षा करने का निर्देश दिया गया है। रिपोर्टों के अनुसार उन्हें 25 से 28 सितंबर के बीच संबंधित जिलों में रात्रि विश्राम करना है। इस दौरान लंबित कांड, वारंट, इश्तिहार, कुर्की-जब्ती और रात्रि गश्ती की स्थिति की समीक्षा की जाएगी। क्षेत्रीय IG और DIG को अपनी समीक्षा रिपोर्ट 29 सितंबर तक पुलिस मुख्यालय को भेजनी है। यह भी पढ़ें बिहार: गांधी सेतु के पास तेज धार में डूबे लोग, 9 को बचाया गया; 2 की तलाश जारीजमीनी पुलिसिंग पर बढ़ेगी निगरानी नई व्यवस्था के जरिए पुलिस मुख्यालय ने जिलों की पुलिसिंग की निगरानी को अधिक प्रत्यक्ष बनाने की पहल की है। वरिष्ठ अधिकारियों के जिला स्तर पर निरीक्षण से थानों की कार्यप्रणाली, लंबित मामलों और कानून-व्यवस्था से संबंधित जानकारी सीधे मुख्यालय तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई है। समस्तीपुर समेत राज्य के अन्य जिलों में प्रभारी IPS अधिकारियों के निरीक्षण के बाद तैयार होने वाली रिपोर्ट के आधार पर पुलिस मुख्यालय को जिलावार स्थिति की जानकारी मिलेगी। Post navigation बिहार में हाईवे पेट्रोलिंग को मिली रफ्तार, 58 नए वाहन उतरे; हादसे के बाद गोल्डन आवर में मिलेगी मदद समस्तीपुर के धर्मांश रंजन उर्फ अंकुर समेत 3 ने दरभंगा स्नातक तथा 5 अभ्यर्थियों ने शिक्षक सीट से नामांकन के लिए कटाया नाजीर रसीद