Samastipur : समस्तीपुर जिले के वैनी थाना क्षेत्र में सोमवार को दर्दनाक हादसा सामने आया। चंदौली-चकले वैनी सीमा के पास जमुआरी नदी पर निर्माणाधीन पुल के समीप पानी से भरे गड्ढे में डूबने से एक 16 वर्षीय बालक की मौत हो गई। मृतक की पहचान चंदौली पंचायत के वार्ड संख्या-6 निवासी गज्जू सहनी के पुत्र बालवीर कुमार के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, बालवीर निर्माणाधीन पुल के पास बने पानी से भरे गड्ढे में स्नान करने गया था। इसी दौरान वह गहरे पानी में चला गया और डूब गया। घटना की जानकारी मिलने के बाद आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस और गोताखोरों ने चलाया खोज अभियान घटना की सूचना मिलने पर वैनी थानाध्यक्ष कल्पना कुमारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचीं। गड्ढे के किनारे बालवीर की चप्पल मिलने के बाद पुलिस ने स्थानीय लोगों और गोताखोरों की मदद से उसकी तलाश शुरू कराई। पानी अधिक होने के कारण शव को खोजने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। पुलिस प्रशासन की ओर से जेसीबी की मदद से आसपास के निचले हिस्सों को काटकर गड्ढे का पानी निकालने का भी प्रयास किया गया। इसके बाद स्थानीय गोताखोरों और पुलिस की मदद से बालवीर के शव को पानी से बाहर निकाला गया। मौके पर सीओ वागीशा प्रियदर्शी, थानाध्यक्ष कल्पना कुमारी सहित पुलिस बल और स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। शव रखकर ताजपुर-पूसा मुख्य मार्ग जाम बालक की मौत की खबर मिलते ही परिजन और स्थानीय ग्रामीण आक्रोशित हो गए। ग्रामीणों ने पूसा रोड रेलवे क्रॉसिंग के पास शव रखकर ताजपुर-पूसा मुख्य मार्ग को जाम कर दिया। यह भी पढ़ें 1 अक्टूबर से टन के हिसाब से बिकेगी बालू-गिट्टी, समस्तीपुर में ट्रक मालिकों ने CFT में बिक्री नहीं करने का लिया सामूहिक निर्णयइस दौरान ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई और अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का कहना था कि निर्माणाधीन पुल के आसपास सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं होने के कारण इस तरह के हादसे का खतरा बना हुआ है। खबर लिखे जाने तक ग्रामीण प्रशासन के वरीय अधिकारियों के जाम स्थल पर पहुंचने का इंतजार कर रहे थे। प्रमुख रविता तिवारी सहित अन्य लोग परिजनों और ग्रामीणों को समझाने में जुटे थे। छह महीने से अधूरा पड़ा है पुल का निर्माण स्थानीय लोगों के अनुसार, जमुआरी नदी के उढ़ाहीकरण के दौरान जंगाहीपुर से लेकर गंतव्य तक नदी पर बने पुराने पुलों का पुनर्निर्माण कराया जा रहा है। करीब छह महीने पहले पुराने पुलों को तोड़ दिया गया था। पुल के बेस को मजबूत करने के लिए करीब 30 फीट नीचे से रड डालकर निर्माण कार्य शुरू किया गया, लेकिन स्थानीय लोगों के मुताबिक निर्माण कार्य अब तक पूरा नहीं हो सका है। बारिश के मौसम में निर्माण स्थल के आसपास पानी जमा होने से खतरा और बढ़ गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य अधूरा रहने के कारण स्थानीय लोगों और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। उनका कहना है कि जमुआरी नदी पर निर्माणाधीन अन्य पुलों के आसपास भी इसी तरह की स्थिति बनी हुई है। हादसे के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल 16 वर्षीय बालक की मौत के बाद एक बार फिर निर्माणाधीन पुल और खुले गड्ढों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। बारिश के दौरान पानी से भरे गड्ढे की गहराई का अंदाजा नहीं लग पाने के कारण स्थानीय लोगों, खासकर बच्चों के लिए खतरा बढ़ जाता है। यह भी पढ़ें सरायरंजन में फर्जी तरीके से विशिष्ट शिक्षक के योगदान मामले में प्रभारी प्रधानाध्यापक चंदेश्वर झा को समस्तीपुर DEO ने किया निलंबितग्रामीणों ने निर्माणाधीन स्थल के आसपास सुरक्षा इंतजाम करने और अधूरे पुल निर्माण कार्य को जल्द पूरा कराने की मांग की है। Post navigation समस्तीपुर सदर अस्पताल बनेगा जिले का जांच हब, PHC-CHC में लिए जाएंगे सैंपल; रनर बॉय करेंगे सैंपल की डिलीवरी सरायरंजन में NH-322 जाम: आरोपी शिक्षक की गिरफ्तारी की मांग को लेकर सड़क पर उतरे लोग, 4 घंटे बाधित रहा आवागमन